इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : गुलामी के लिए दुश्मन की जरूरत नहीं होती"ये एंकर और पार्टी प्रवक्ता इस दुनिया के नहीं लगते। दो चार स्वतंत्र प्रवक्ता हैं, जिन्हें बोलने तक की तमीज नहीं है, पता नहीं कैसे उन्हें बुला लिया जाता है।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रJanuary 13, 20261 Comment