इन दिनों : गुलामी के लिए दुश्मन की जरूरत नहीं होती

"ये एंकर और पार्टी प्रवक्ता इस दुनिया के नहीं लगते। दो चार स्वतंत्र प्रवक्ता हैं, जिन्हें बोलने तक की तमीज नहीं है, पता नहीं कैसे उन्हें बुला लिया जाता है।" - इसी आलेख से
जन पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए उपर्युक्त QR Code को स्कैन करके 20, 50 या 100 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर सकते हैं।
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प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर

डॉ योगेन्द्र
डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

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