इन दिनों : बरसे कंबल, भीजे पानी

"जिस देश की अस्सी फीसदी जनता को खाने के पाँच किलो अनाज सरकार दे रही है । दो सौ लाख करोड़ रुपए देश पर विदेशी कर्ज है। डालर की तुलना में रुपये की कीमत धड़ाधड़ गिर रही है। पेट्रोल से लेकर बाजारू सामान की कीमत पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। वहाँ प्रधानमंत्री की रैलियों पर इतना खर्चा क्या बताता है?" - इसी लेख से


