इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : कहाँ जाई, का करी?"सोलहवीं सदी में भी 'जीविका-बिहीन' लोग खुद से सवाल करते थे- कहाँ जायें, क्या करें? आज भी पूरी दुनिया की कम से कम आधी जनसंख्या सोलहवीं सदी की तरह ही अनिश्चित जीवन जी रही है।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रMay 1, 2026