इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : जिजीविषा और लोकतंत्र के चीथड़े"राजभवन को लोकभवन बना दिया गया, मगर उसकी कार्यशैली में क्या अंतर आया? अंग्रेजों के ये लाट साहब आजादी के बाद भी लाट ही बने रहे।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रFebruary 20, 2026