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इन दिनों : लोकतंत्र, नागरिक-बोध और हत्यारे

A gray tour bus parked on a road.
"सच बहुत कड़ुआ होता है, मगर एक समय ऐसा आता है कि बोलना पड़ता है। न चाहते हुए भी, लबों पर सच फूटने लगता है। क्योंकि सच बोलना समाज के जिंदा रहने का प्रतीक है।" - इसी आलेख से