Tag पब्लिक पालिका

हाले-लोकतंत्र

"जिस तरह से कार्यपालिका अर्थ का बंटाधार कर रही है, मुझे लगता है इस लोकतंत्र को एक चौथे और मजबूत खंभे की जरूरत है, जो अर्थ का संचार न्याय-संगत कर सके। मैं पब्लिक पालिका की प्रस्तावना आपके सामने रखता हूँ।" - इसी आलेख से

आप क्या चाहते हैं?

"जीवन अर्थवान है। इस अर्थ के वितरण की एक परिकल्पना है, पब्लिक पालिका। इस लोकतंत्र को एक चौथा मजबूत खंभा चाहिए, वह खंभा आर्थिक हो सकता है। पत्रकारिता तो दर्शक मात्र है। कहीं से सुनकर ख़बरें सुनाती है। आर्थिक अगर कोई खंभा होता तो सोचिए!" - इसी आलेख से।

इन दिनों : दिल्ली प्रदूषण का हल है पब्लिक पालिका

"देश का वास्तविक विकास ट्रिक्ल डाउन थ्योरी से नहीं, बल्कि ‘रेनफाल थ्योरी' के आधार पर होना चाहिए यानी रिस-रिस कर बूंद-बूंद विकास नहीं होगा, बल्कि हर जगह एक तरह से विकास होगा। कोई गैर बराबरी नहीं।" - इसी आलेख से