Tag बुद्धिजीवी

इन दिनों : बुद्धिजीवियों के छल

"राजनीति में सुपुत्रों की कोई कमी नहीं है। हमाम में अब सब नंगे हैं। इसकी आलोचना और निंदा भरपूर करें। राजनीति में गिरावट के प्रति भी चिंतित हों, लेकिन मेरा सवाल है कि राजनीति में गिरावट की क्या यह अकेली वजह है?" - इसी आलेख से

इन दिनों : चंचल बुद्धि के युग और हवा में पतंग बने हनुमान

"ज्ञानियों की एक जमात की हालत साँप-छुंछदर वाली है। जीना है तो सत्ता के चरण पखारने हैं। नतीजा है कि वे अपनी चंचल बुद्धि के बदौलत जैसे-जैसे सत्ता बदलती है, वे भी बदल जाते हैं। दल बदलू नेताओं की कोई कमी इस भारतभूमि पर पहले भी नहीं थी, अब विचार - बदलू नेताओं की कोई कमी नहीं है।" - इसी आलेख से