Tag रामप्रसाद बिस्मिल

इन दिनों : वक़्त का परिंदा रुका है कहाँ! 

"वतन के वास्ते मिट गए बिस्मिल जैसे हज़ारों लोग और अब के सत्ताधारी स्वार्थ के वास्ते वतन को ही चींथ रहे हैं।" - इसी आलेख से