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गांधी, अम्बेडकर, फ्रेरे : मुक्ति की तीन शैक्षिक परियोजनाएँ (भाग 6)

यह आलेख पॉलो फ्रेरे के शिक्षा-सिद्धांत का छठा और अंतिम भाग है। इस भाग में गांधी, अम्बेडकर और फ्रेरे के शिक्षा-सिद्धांतों की समीक्षा की गयी है। आलेख में तीनों की पृष्ठभूमि और दिशा की भिन्नता के बावजूद साझा बिंदु की पड़ताल की गयी है और उनकी तुलना भी।

सामाजिक-मानवीय आधार पर शिक्षा के पुनर्गठन की ज़रूरत

सत्ता और पूँजीवाद के गठजोड़ ने शिक्षा को अपने हितों की पूर्ति का साधन बना लिया है। सामाजिक और मानवीय हित कहीं खो गए हैं। सामाजिक और मानवीय हितों को पुनर्स्थापित करने के लिए समाज और सामाजिक लोगों को ही शिक्षा के स्वरूप के पुनर्गठन की चिंता करनी होगी।