ग्रामीण रोजगार की गारंटी का योजना में बदल जाना 

'मनरेगा' के बदले 'वीबी जी राम जी' लाया जाना केंद्र सरकार के कई उद्देश्यों की पूर्ति एक ही साथ करता है। इसीलिए उसने विपक्ष के भारी विरोध को बिल्कुल अनसुना कर दिया। कैसे? पढ़ें इस लेख में।

(सौजन्य : PRS Legislative Research)

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कार्यकर्ता और लेखक
डॉ. अनिल कुमार रॉय सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के लिए अथक संघर्षरत हैं। उनके लेखन में हाशिए पर पड़े लोगों के संघर्ष और एक न्यायसंगत समाज की आकांक्षा की गहरी प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।

Dr. Anil Kumar Roy
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डॉ. अनिल कुमार रॉय सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के लिए अथक संघर्षरत हैं। उनके लेखन में हाशिए पर पड़े लोगों के संघर्ष और एक न्यायसंगत समाज की आकांक्षा की गहरी प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।

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11 Comments

  1. बहुत ही उपयोगी एवं सार्थक विश्लेषण प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

    • अलेख के मुद्दों की स्वीकृति और प्रोत्साहन के शब्दों के लिए आभार!

    • Thank you for this acknowledgement! If the Government had been heard, it would have been heard in the Parliament. This is to make people hear that look, the Government is not listening.

      • सार्थक एकेडमिक और प्रेरक तथ्यपरक प्रस्तुति के लिए हार्दिक साधुवाद।

  2. बहुत सटीक एवं निष्पक्ष विशलेष्ण। काश ये आलेख सत्तासीन लोगों के पास पहुँचे।

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