
"निम्न और मध्यम आय वाले देशों में 37% बच्चों को दूसरी भाषा में पढ़ाया जाता है, जिससे उन्हें स्कूल काल के दौरान हर समय नुकसान होता है और उनकी सीखने की क्षमता सीमित हो जाती है।" - इसी आलेख से

"इस दस्तावेज़ में किया गया आकलन उन सभी भारतीय भाषाओं पर लागू होता है, जिनका प्रयोग राज भाषाओं के रूप में हो रहा है। जो भारतीय भाषाएँ राजभाषाएँ नहीं हैं, उनकी दुर्दशा के बारे में तो बात न करना ही अच्छा होगा। इनमें से बहुत सी तो आखरी साँस ले रही हैं।"

शिक्षा-सिद्धांत और अंतरराष्ट्रीय व्यवहार के आधारों पर अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को अच्छे स्कूल नहीं कहा जा सकता। कैसे? तथ्यों और तर्कों से अवगत होने के लिए पढ़े यह आलेख.

"राष्ट्रों की भाषा छीनकर और सभी क्षेत्रों में एक अपारदर्शी एवं पराई भाषा थोपकर उन्हें नष्ट करना एक मानक औपनिवेशिक प्रथा रही है, जिससे मूल निवासियों को उच्च और लाभप्रद शिक्षा, ज्ञान, तकनीक, विरासत, इतिहास, संस्कृति और शक्ति एवं लाभ के स्थानों से बाहर रखा जा सके।" इसी आलेख से