आज सुबह-सुबह बगीचे में एक कौआ बहुत बेचैन था। वह लगातार काँव-काँव कर रहा था। बगीचा बड़ा है। कागा किसी के लिए कोई संदेश उच्चार रहा हो, इसकी कोई संभावना नहीं थी, क्योंकि आसपास कोई घर मौजूद नहीं है। कागा को कोई खतरा महसूस हो रहा हो शायद। अपनों से या विपक्षियों से। जो भी हो, इतना जरूर था कि वह असुरक्षित महसूस कर रहा था।
असुरक्षा में बोल बिगड़ जाते हैं। जैसे आजकल प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, संसदीय मंत्री, घमंडी सांसदों के बिगड़े हुए हैं। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के लोगों ने देश को शर्मसार किया, लेकिन इनके मुँह बंद रहे। दूसरे के आविष्कार का अपना बताना शर्म पैदा नहीं किया, लेकिन इसके विरोध से प्रधानमंत्री ने अपना होश खो दिया। प्रधानमंत्री जी, यह लोकतंत्र है, इसे राजतंत्र में तब्दील मत कीजिए। अहिंसक प्रतिरोध कोई देश विरोधी काम नहीं है। जिस पर शर्म आनी चाहिए, उस पर गौरवान्वित हो रहे हैं और जिसका सम्मान करना चाहिए, उसे देश विरोधी बता रहे हैं।
एपस्टीन फाइल में जिसका नाम आया है, वे क्या देश को गौरव प्रदान कर रहे हैं? आज तक केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से इस्तीफा क्यों नहीं लिया? जबसे पू्र्व सेनाध्यक्ष नरवणे जी की पंक्तियों का उद्धरण सामने आया है, तब से कांग्रेस और राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी टीम हमलावर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान है – ‘कांग्रेस के बेलगाम नेता देश को तबाह करने पर तुले हैं।’ देश प्रधानमंत्री चला रहे हैं। ट्रंप के सामने नतमस्तक हैं और देश को तबाह करने वाले समझौते कर रहे हैं और खुद दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं कि देश को तबाह कर रहे हैं।
अभी-अभी नये नवेले बीजेपी अध्यक्ष, जिसके ढंग से दाँत भी नहीं फूटे हैं, उनके बयान हैं – ‘राहुल गांधी, जो अभी बब्बर शेर बने घूम रहे हैं, असल में विदेशी ताकतों की कठपुतली हैं।’ हिम्मत है तो अध्यक्ष जी, जो सचमुच ट्रंप की कठपुतली हैं, उन्हें कह कर देखिए। गाँव में कहावत है – चोरे करै जाता। बिहार के उप मुख्यमंत्री जिनकी अपनी डिग्री का ठिकाना नहीं, वे कहते हैं – ‘कांग्रेस पार्टी भारत विरोधी है, इनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए।’ जिस कांग्रेस के कारण उप मुख्यमंत्री के पद पर बैठे हैं, वे देशद्रोही और जो अंग्रेजों की दलाली और उसकी मुखबिरी कर रहे थे, वे देशभक्त। कल तो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का खानदान कांग्रेस की चाटुकारिता करता था, आज बयान दे रहे हैं – ’कांग्रेस की रग-रग में सिर्फ भारत का विरोध है।’ दरअसल ज्यादातर राजाओं का खानदान सत्ता के तलवे ही चाटता है। पहले भी वही कर रहा था, आज भी वही कर रहा है। संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू को अपने पद की गरिमा की याद भी नहीं है। वे कह रहे हैं – ‘राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं।’
नीतीश कुमार की कृपा से मुख्यमंत्री बनने वाले जीतनराम माँझी कहते हैं – ’राहुल गांधी देश का कलंक आदमी हैं।’ संसद में इडियट की तरह बात करने वाले निशिकांत दुबे फरमाते हैं – ’राहुल गांधी इडियट की तरह बात करते हैं।’ कल तक गौरव भाटिया राहुल गांधी के गीत गाते थे, आज बीजेपी के प्रवक्ता हैं और कहते हैं – ’राहुल गांधी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बोलना ही नहीं चाहिए क्योंकि उनके पास इंटेलिजेंस नहीं है।’ ऐसे ढेरों वक्तव्य हैं, जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा के ढेरों नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी को लगातार निशाना बनाया है। इनमें एक वक्तव्य भाजपा और करणी सेना के राजसिंह आमेरा का है, जिसने राहुल गांधी को घर में घुसकर गोली मारने और विपक्ष के 25 सांसदों को उड़ाने की बात कही है। राजसिंह आमेरा की निकटता लोकसभा अध्यक्ष से बताई जाती है।उसे फिलहाल गिरफ्तार कर लिया गया है।
जो भी हो। देश में सत्ता की ओर से फैलाई जा रही नफ़रत और हिंसा के शिकार कौन होगा, कहा नहीं जा सकता। इतना भर जरूर कहा जा सकता है कि आसार अच्छे नहीं हैं।

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग
पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर







