
"मनुष्य में संभावनाएँ बहुत हैं। वह बहुत तरल होता है। उसमें संवेदनाएं बहती रहती हैं, इसलिए उसमें बदलाव की अपार संभावनाएँ हैं। वह परिस्थितियों का शिकार भी होता है और उसे बदल भी देता है।" - इसी आलेख से

"चिंता होती है, तभी चिंतन होता है। चिंता तात्कालिक स्थितियों से जुड़ी होती है और चिंतन चिंता की एक समझ है और है चिंता से उबरने के लिए रास्ते की तलाश। अगर चिंता न हो, तो चिन्तन संभव ही नहीं है।" - इसी आलेख से

"यह दुनिया आज नदी, सागर और जंगल के खिलाफ खड़ी है। जिन कारकों से दुनिया का सृजन हुआ है, आज नयी दुनिया को उत्पादित करने के लिए उनके खिलाफ ही खड़ी है।" इसी आलेख से

"गोवा के शहर और गाँव में बहुत अंतर नहीं है। बस या कार से जब आप चलेंगे तो स्थानीय घरों को देख कर पता करना मुश्किल होता है कि ये घर गाँव के हैं या शहर के। बहुत से घरों की छत चौड़े वाले खपड़ों से बनी है।" - गोवा के बारे में और जानने के लिए पढ़ें यह आलेख

"भारत में तरह-तरह के रजवाड़े हुए और उनकी आपसी लड़ाई हुई। उनके बीच के अंतर्विरोध और संघर्ष ने बाहरी लोगों को अवसर दिया। आज भारत की एकता के लिए बहुसांस्कृतिक एकता की जरूरत है।" - इसी आलेख से