इन दिनों : सफर और सांस्कृतिक उदात्तता

"भारत में तरह-तरह के रजवाड़े हुए और उनकी आपसी लड़ाई हुई। उनके बीच के अंतर्विरोध और संघर्ष ने बाहरी लोगों को अवसर दिया। आज भारत की एकता के लिए बहुसांस्कृतिक एकता की जरूरत है।" - इसी आलेख से
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प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर

डॉ योगेन्द्र
डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

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