डॉ योगेन्द्र

डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग


पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

इन दिनों : अधूरे अनुभवों के सत्य-असत्य

a sandy beach next to the ocean with palm trees
"गोवा के शहर और गाँव में बहुत अंतर नहीं है। बस या कार से जब आप चलेंगे तो स्थानीय घरों को देख कर पता करना मुश्किल होता है कि ये घर गाँव के हैं या शहर के। बहुत से घरों की छत चौड़े वाले खपड़ों से बनी है।" - गोवा के बारे में और जानने के लिए पढ़ें यह आलेख

इन दिनों : सफर और सांस्कृतिक उदात्तता

people on beach during daytime
"भारत में तरह-तरह के रजवाड़े हुए और उनकी आपसी लड़ाई हुई। उनके बीच के अंतर्विरोध और संघर्ष ने बाहरी लोगों को अवसर दिया। आज भारत की एकता के लिए बहुसांस्कृतिक एकता की जरूरत है।" - इसी आलेख से

इन दिनों : मंदिरों की ऊँचाई और असली हिन्दुस्तान

Lord Shiva statue
"पंडितों ने भी गजब कहर बरपा रखा है। ठंड है तो मंदिरों के देवता काँपने लगते हैं। पंडित ऊनी कपड़े का इंतजाम करते हैं। गर्मी है तो एयरकंडीशन। देवताओं के लिए हर मौसम में यथोचित इंतजाम है। देवता खुश, पंडित खुश।" - इसी आलेख से

जय श्रीराम बनाम जय काली

"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हिंदी पट्टी में चुनावी काम जय श्री राम से चल जाता था। बंगाल में श्री राम बहुत महत्वपूर्ण देवता नहीं हैं। उनसे वहाँ वोट उगाही नहीं हो सकती, इसलिए इस बार वे जय काली पर उतर आए हैं।" - इसी आलेख से

इन दिनों : अतिरिक्त बुद्धि का कृष्ण पक्ष

a close up of a lion on a field
"जहाँ सोचना बंद या अवरुद्ध हो जाय, वहाँ जंगलराज शुरू होता है। सत्ता को सोचने वालों से बहुत डर लगता है। जंगल का राजा सिंह होता है। वह भी सोचता कम है और अन्य जानवरों को भी सोचने नहीं देता और भयभीत रखता है।" - इसी आलेख से

इन दिनों : असंतुष्टों की जंग के शिकार

a couple of black birds sitting on top of a tree
"अमानवीयता में कुरूपता है और संवेदना में सौंदर्य है। मनुष्य प्रकृति को खदेड़ता जा रहा है। वह जिसके कारण जीवित है, उसके खिलाफ ही युद्ध ठान रखा है।" इसी आलेख से

इन दिनों : ईरान एक सीख भी है और सबक भी

"धर्म मनुष्य की एक कमजोर नस है, जिसे सहला कर सत्ता तो प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन बुनियादी समस्याओं को सुलझा नहीं सकते। जो देश धार्मिक बन गये हैं, उस देश की जनता लोकतांत्रिक शासन चाहती है। और, जो देश धार्मिक बन नहीं पाया, उस देश में धार्मिक कट्टरता सत्ता दिला रही है।" इसी आलेख से

इन दिनों : मैं, आप और मिराबेला माडल

"अमेरिका और जापान जैसे देशों में एक प्रयोग हो रहा है, जिसमें युवा और बुजुर्ग दोनों साथ-साथ रहते हैं और दोनों एक दूसरे से सीखते हैं, जिसे ‘मिराबेला माडल' के नाम से पुकारा जा रहा है।‌ न्यूयॉर्क की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने यह प्रयोग किया है।" - कैसे? पढ़िए इस आलेख में।

इन दिनों : चंचल बुद्धि के युग और हवा में पतंग बने हनुमान

"ज्ञानियों की एक जमात की हालत साँप-छुंछदर वाली है। जीना है तो सत्ता के चरण पखारने हैं। नतीजा है कि वे अपनी चंचल बुद्धि के बदौलत जैसे-जैसे सत्ता बदलती है, वे भी बदल जाते हैं। दल बदलू नेताओं की कोई कमी इस भारतभूमि पर पहले भी नहीं थी, अब विचार - बदलू नेताओं की कोई कमी नहीं है।" - इसी आलेख से