
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को अक्सर जीत और हार के साँचे में विवेचित किया जाता है। जीत-हार की बहस से अलग इस आलेख में देश की राजनीति और नागरिक समाज पर इस आंदोलन के पड़ने वाले प्रभाव को विवेचित किया गया है।

न पासपोर्ट, न आधार कार्ड, न वोटर आईडी कार्ड - तो राज्य के द्वारा भारतीय नागरिकों को कौन ऐसा दस्तावेज़ उपलब्ध कराया गया है, जो नागरिकता का सर्वमान्य प्रमाणपत्र है?

"कर्नाटक का मतदाता आर्थिक प्रदर्शन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और नेतृत्व विश्वसनीयता—तीनों का संयुक्त मूल्यांकन करता है।" - इसी आलेख से

आलेख में दुनिया के अनेक हिस्सों में हुए जेन-जी के आंदोलनों का अध्ययन करके उनके आंदोलन के पैटर्न को समझने की कोशिश की गयी है। साथ ही उन आंदोलनों के क्या परिणाम हुए और उनसे क्या सीखा जा सकता है, इन बातों की विवेचना की गयी है।

'कॉकरोच जनता पार्टी' एक व्यंग्यात्मक डिजिटल राजनीतिक आंदोलन है, जो सोशल मीडिया पर युवाओं के गुस्से और निराशा की अभिव्यक्ति के रूप में उभरा है।

"सरकार का दावा है कि देश के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार है, लेकिन दूसरी तरफ प्रधानमंत्री स्वयं ईंधन बचत की अपील कर रहे हैं। यहीं से राजनीतिक प्रश्न उठते हैं? यदि स्थिति नियंत्रित थी, तो जनता से अचानक इतनी बड़ी मितव्ययिता की माँग क्यों की जा रही है?" - इसी आलेख से

"तमिलनाडु का यह चुनाव केवल सरकार परिवर्तन की घटना नहीं है। यह उस नई राजनीतिक बेचैनी का परिणाम है, जिसमें युवा मतदाता पारंपरिक दलों से अलग विकल्प की तलाश कर रहा है। विजय उसी बेचैनी की राजनीतिक अभिव्यक्ति हैं।" - इसी आलेख से

आजादी के संघर्ष में "भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी केवल एक संगठन नहीं थी, बल्कि वह उस चेतना का नाम थी, जिसने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना सिखाया।" - इसी आलेख से

नीतीश कुमार की कहानी उस राजनीतिक बदलाव की कहानी है, जो, राष्ट्रीय राजनीति के दबाव में, सत्ता के केंद्र से हाशिये की ओर ढकेला जाता है।

व्यतीत का विश्लेषण राजनीतिक उठा-पटक और छल-छद्म को समझने में सहायक हो सकता है। परंतु वास्तविक चिंता राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक संभावनाओं की होनी चाहिए। यह आलेख इन्हीं संभावनाओं का विश्लेषण करने की कोशिश करता है।