इन दिनों : यादें और दुःस्वप्न

"सीधा-सीधा दस हजारी योजना वोट खरीद योजना है। लोकतंत्र का आधार चुनाव है और चुनाव को धीरे-धीरे रसातल में लेकर जा रहे हैं।" - इसी आलेख से




स्वामी विवेकानंद वेदांत लेकर विदेश पहुंचे थे, लेकिन उन्हें इस बात का गहरा अहसास था कि सभी धर्म एक ही राह के राही हैं। जब वे शिकागो में विश्व धर्म संसद में भाग ले रहे थे तो उन्होंने एक किस्सा…



एक बाबा चले थे हिन्दू राष्ट्र बनाने। तीन दिनों में ही भदभदा कर गिर गये। पांव में छाले, देह में बुखार और दिमाग बेहोश। उनकी हनुमान जी से फ़ोन पर बात होती थी। बेहोश जब होने लगे तो उन्होंने हनुमान…


