"जब तक किसी की अशिक्षा और बीमारी से मुनाफा होता रहेगा, ना ही कोई शिक्षित होगा, ना ही स्वस्थ। आज एक समाज बीमार पड़ा है। इसकी समस्या सिर्फ सत्ता नहीं है, सिस्टम है।" - इसी आलेख से
"पक्ष और विपक्ष में परस्पर विश्वास न हो, तो लोकतांत्रिक व्यवहार का क्षरण होता है। प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता पर इसकी जिम्मेदारी ज्यादा होती है कि वह लोकतंत्र को बचाये रखे। व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी लोकतंत्र को नष्ट करने में सहायक होती है।" इसी आलेख से
"कार्नेलिया दूसरे देश की है, मगर भारतवर्ष के सौंदर्य और स्वभाव पर मुग्ध है। मगर आज क्या हो रहा है। कार्नेलिया जो अनजान क्षितिज थी, उसे देश सहारा देता था, मगर आज अपने वाशिंदों का भी सहारा छीनने को उत्सुक है।" - इसी आलेख से
"विपक्ष बस सदन को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। सदन का तो पता नहीं, पर इतना सुनकर मुझे तो यकीन हो गया मुझे ज़रूर गुमराह किया जा रहा। पक्ष हो, या विपक्ष, सरकार किसी की भी हो, होती तो जनता के लिए ही है।" इसी आलेख से
"हमें जाति विनाश के बारे में सोचना चाहिए, न कि उसकी जड़ में पानी और खाद देकर लहकाना चाहिए। लोकतंत्र लोगों का तंत्र है, वह जाति या संप्रदाय का तंत्र नहीं है।" - इसी आलेख से
"जब देश आजाद हुआ तो एक राष्ट्रीय सरकार बनी थी, जिसमें विरोधियों को भी जगह मिली थी। पचास-साठ वर्षों तक विरोधियों के साथ दुश्मन की तरह व्यवहार नहीं किया गया, लेकिन इधर के वर्षों में दोनों की ऐसी तनातनी है जैसे दोनों दो देश का नेतृत्व कर रहे हों।" - इसी आलेख से
"वैज्ञानिकों ने हमें Homo Sapiens कहकर पुकारा, जहाँ Sapiens का शाब्दिक अर्थ बुद्धिमान होता है। उनके कथन का अर्थ है कि मनुष्य एक बुद्धिमान प्राणी है। ....." - इसी आलेख से
"लेखक अपनी बेटी को बताना चाहता है कि इस देश-समाज की उत्तराधिकारी तुम ही हो। पर इसके लिए तुम्हें नेता, अधिकारी बनने की जरूरत है। इस देश का हर नागरिक इस देश का अधिनायक है।" - इसी आलेख से
"जिस मुख्यमंत्री को संविधान से प्यार नहीं है, उसे सम्मान नहीं देता, उस मुख्यमंत्री को कुर्सी पर क्यों रहना चाहिए? राष्ट्रपति उसे बर्खास्त क्यों नहीं करतीं और प्रधानमंत्री उसे सजा क्यों नहीं देते?" - इसी आलेख से
अगर लोकतंत्र के प्रति आस्था न हो, तो लोकतांत्रिक ढंग से चुन कर आने के बाद या तत्कालीन राजनैतिक शख्सियत से समझौता कर भी आप लोकतंत्र का हत्यारा हो सकते हैं। लोकतंत्र को खत्म करने के लिए कोई जरूरी नहीं…