Tag भ्रष्टाचार

इन दिनों : सीने में जलन, आँखों में तूफ़ान-सा क्यूँ है?

Two pine trees bent by the wind on a grassy coastal dune, under a cloudy sky.
"सत्ता चलाने वाला भ्रष्ट होगा तो उसके अधिकारी कर्मचारी ईमानदार रह ही नहीं सकते। जनता में अगर सांस्कृतिक चेतना सजग नहीं है, तो वह भी देखा-देखी भ्रष्टाचार की मनोवृत्ति का शिकार होगी।" - इसी आलेख से

इन दिनों : गिद्ध-युग और मांस की पोटली

"भारत की मौजूदा राजनीति एक चक्रव्यूह में फँस गई है। इस राजनीति के लिए भ्रष्टाचार बहुत ज़रूरी है। अगर आप भ्रष्ट और बदतमीज़ नहीं हैं तो इस राजनीति से दूर रहिए। " - इसी आलेख से

इन दिनों : सत्य की छाती पर असत्य का तांडव

a close up of a typewriter with a paper that reads election fraud
"आंदोलन की शमा कब की बुझ चुकी। उससे जो आंदोलनकारी निकले, सत्ता में जाकर उन्होंने कोई नया इतिहास नहीं लिखा, बल्कि जिन मुद्दों के खिलाफ आंदोलन किया, उन्हीं में वे समा गए।" - इसी आलेख से

इन दिनों : अनजान क्षितिज पर मिलता नहीं सहारा

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"कार्नेलिया दूसरे देश की है, मगर भारतवर्ष के सौंदर्य और स्वभाव पर मुग्ध है। मगर आज क्या हो रहा है। कार्नेलिया जो अनजान क्षितिज थी, उसे देश सहारा देता था, मगर आज अपने वाशिंदों का भी सहारा छीनने को उत्सुक है।" - इसी आलेख से

टैक्स पर टिप्पणी

"जब तक किसी को अशिक्षा, बीमारी, और युद्ध से मुनाफा होता रहेगा, कोई सुरक्षित नहीं रहेगा। सरकारों की पहली प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य होना चाहिए, जो हमें सिर्फ़ वहीं मिल सकता है, जहाँ हम रहते हैं।" - इसी आलेख से

इन दिनों : उच्च शिक्षा का हाल- बेहाल

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"कोई मक्खी यों ही नहीं निगलता। इसके लिए मूल्य चुकाने होते हैं। यह मूल्य पैरवी और पैसे के रूप में चुकाए जाते हैं, लेकिन इस मूल्य के बदले में मरती है उच्च शिक्षा।" - इसी आलेख से

इन दिनों : कितने मुनासिब हैं इस सफर के लिए

"दरअसल सरकार समझने में असमर्थ है कि राज्य के विकास में काम चाहिए। भ्रष्टाचार मुक्त सरकारी दफ्तर चाहिए। सम्मान से जीने के संसाधन चाहिए। पेट को अन्न चाहिए।" - इसी आलेख से

इन दिनों : है गीत अधूरा, तराना अधूरा

जीविका दीदियाँ मछली पालन करेंगी, इसके लिए तालाब बनवाया गया। तालाब में पानी नहीं था तो मुख्यमंत्री के आने के दिन उसमें बोरिंग से पानी भरा गया। मुख्यमंत्री वही तालाब जीविका दीदियों को समर्पित करके चले गए।

इन दिनों : गिद्ध और मांस की पोटली की आधुनिक कथा

हमाम में नंगे लोग अगर सबको कपड़े पहनने का आह्वान करे तो उसकी बात कोई क्यों मानेगा? जिसके हाथ अपराधियों को टिकट देने से नहीं कांपे और हत्यारोपी विधायक बनाता रहे, उसके राज में अपराध खत्म कैसे होगा?