
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को अक्सर जीत और हार के साँचे में विवेचित किया जाता है। जीत-हार की बहस से अलग इस आलेख में देश की राजनीति और नागरिक समाज पर इस आंदोलन के पड़ने वाले प्रभाव को विवेचित किया गया है।

"देश में सत्ता की ओर से फैलाई जा रही नफ़रत और हिंसा के शिकार कौन होगा, कहा नहीं जा सकता। इतना भर जरूर कहा जा सकता है कि आसार अच्छे नहीं हैं।" - इसी आलेख से

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की पराजय का विश्लेषण कई दृष्टियों से किया गया है। इस आलेख में उन अन्तःकारणों की पड़ताल की गई है, जिसके कारण महागठबंधन कमजोर हुआ।

बिहार के चुनाव परिणाम ने हज़ार सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे मौजूँ सवाल है कि चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए या नहीं? यदि उत्तर हाँ है तो फिर उसके लिए क्या किया जाना चाहिए? यह आलेख इन्हीं प्रश्नों से जूझता है।

पिछले लेख में आपने पढ़ा था तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव का विश्लेषण। इस लेख में प्रस्तुत है बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव का विभिन्न आधारों पर विश्लेषण।
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में हाल के चुनावी नतीजे के मद्देनज़र एक विश्लेषण

लोकसभा चुनाव में अपने बूते 240 सीट प्राप्त कर भाजपा अल्पमत में है। अब उसे सरकार बनाने के लिए जदयू और टीडीपी के समर्थन की अत्यधिक जरूरत है। उक्त दोनों दलों ने समर्थन देकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। शुरुआत में एनडीए गठबंधन की सरकार की बात करने वाले नरेन्द्र मोदी ने पुनः अपने पुराने स्वेच्छाचारी रवैए का परिचय देना शुरू कर दिया है। इस बात की पुष्टि मंत्रीमंडल के गठन से स्पष्ट हो जाती है। लगभग सभी महत्वपूर्ण विभाग भाजपा के नेताओं को सुपुर्द कर दिया गया है और एनडीए के घटक दलों खासकर जदयू एवं टीडीपी को झुनझुना थमा दिया गया है।