इन दिनों : फाइव ट्रिलियन का सपना और लोगों पर बुलडोजर

"संसद में भी काँव-काँव हो रहा है। मैं अपने गाँव में देखता था कि दो औरतों ने लड़ाई की शुरूआत की, फिर उनके साथ अन्य औरतें झींका देने आ गई। खूब लड़ाई हुई। गर्जन भी और गालियाँ भी। सभी को मालूम है कि नतीजा कुछ नहीं आयेगा। संसद की हालत गाँव की गली से बदतर है।" - इसी आलेख से







