इन दिनों : बर्बर पशुता और खंडित मर्यादाओं के युग में

"क्या ईडी के ऐसे अफसरों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, जो रेड डालते हैं और कोर्ट में दोष सिद्ध नहीं कर पाते? क्या उनकी अफलातूनी कार्रवाई से सामान्य लोग परेशान नहीं होते और उनके मौलिक अधिकारों में क्या यह हस्तक्षेप नहीं है? ईडी की नासमझ कार्रवाई से ईडी पर गहरे सवाल हैं।" - सवाल, जो इस आलेख से निकलते हैं।
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प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर

डॉ योगेन्द्र
डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

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