
"अरविंद केजरीवाल आज आज कैमरे के सामने रो रहे हैं। कैमरे के सामने रोने में नरेंद्र मोदी जी भी अव्वल हैं। दोनों ड्रामा किंग हैं।" - इसी आलेख से

"चाहे लिखित हो या नहीं, हर देश काल में हर समाज के पास एक संविधान रहा है। संविधान ऐसे नियम-क़ानूनों का दस्तावेज है, जो उस समाज की राजनीति की हदों को निर्धारित करती है।" इसी आलेख से

"देश में सत्ता की ओर से फैलाई जा रही नफ़रत और हिंसा के शिकार कौन होगा, कहा नहीं जा सकता। इतना भर जरूर कहा जा सकता है कि आसार अच्छे नहीं हैं।" - इसी आलेख से

"“स्वराज” एक राजनैतिक अवस्था ही नहीं है, यह एक दार्शनिक चित्रण है जो हमारे चरित्र में प्रतिबिंबित होना चाहिए। स्वराज सिर्फ एक विचार ही नहीं, व्यवहार है।" - इसी आलेख से

"एक तरह से देखा जाए तो जब सरकार पब्लिक द्वारा दिए गए टैक्स के पैसे का सदुपयोग करने में असफल हो जाती है, तब उसे सत्ता में बने रहने के लिए दंडनीति का प्रयोग करना पड़ता है। साम-दाम-दंड-भेद सब जायज लगने लगता है।" इसी आलेख से

"यह देश तय करे कि उसे प्रधानमंत्री की प्रशंसा चाहिए या देश की तबाही? हम आखिर कहाँ आ गये हैं? क्या सचमुच राजनैतिक नेता गैरतहीन हो गये हैं?" - इसी आलेख से

"कार्नेलिया दूसरे देश की है, मगर भारतवर्ष के सौंदर्य और स्वभाव पर मुग्ध है। मगर आज क्या हो रहा है। कार्नेलिया जो अनजान क्षितिज थी, उसे देश सहारा देता था, मगर आज अपने वाशिंदों का भी सहारा छीनने को उत्सुक है।" - इसी आलेख से

"विपक्ष बस सदन को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। सदन का तो पता नहीं, पर इतना सुनकर मुझे तो यकीन हो गया मुझे ज़रूर गुमराह किया जा रहा। पक्ष हो, या विपक्ष, सरकार किसी की भी हो, होती तो जनता के लिए ही है।" इसी आलेख से

"बीजेपी ने जिसे 'पप्पू' कह कर नीचा दिखाना चाहा, वह 'राउडी' कैसे हो गया? ...... बीजेपी ने इतना नोंचा-खसोटा, लोकतंत्र की जैसी-तैसी की, बार-बार निशाना ठोकता रहा कि सीधा बैल मरखंडा हो गया।" - इसी आलेख से

"मोदी जी का सपना है कि 6G कि अगुवाई भारत करेगा। साथ ही 5G भारत में सबसे तेजी से फैल रहा है। सरकार क्या यह अपनी उपलब्धि बता रही है? पूरा का पूरा टेलीकॉम सेक्टर निजी हाथों में है।" - इसी आलेख से