निजी विद्यालय संचालन की चुनौतियाँ

केवल सरकारी स्कूल ही नहीं, निजी विद्यालयों की भी व्यथाएँ हैं। प्रस्तुत आलेख में निजी विद्यालयों के संचालन के मार्ग में विभिन्न प्रकार की संरचनात्मक, आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का विश्लेषण है।
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प्राचार्य-सह- संचालक, एस.एन.मेमोरियल स्कूल, न्यु जगनपुरा,पटना एवं साहित्यकार

मनोरथ महाराज
मनोरथ महाराज

प्राचार्य-सह- संचालक, एस.एन.मेमोरियल स्कूल, न्यु जगनपुरा,पटना एवं साहित्यकार

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5 Comments

  1. सरकारों की कोई स्पस्ट नीति नहीं है सिर्फ कानून बनती है और वाह निजी विद्यालय के लिए परीक्षा की घड़ी हो जाती है.
    अगर सरकार चाहे तो एक सामान शिक्षा नीति लागू कर सकती है, जिसमें सरकारी और निजी विद्यालय एक सामान दिखे. जो कार्य सरकार नहीं कर पर रही है वह कार्य किसी छोटी संस्थान से कोई उम्मीद करे तो बहुत हास्यास्पद होगा. सबसे बड़ी बात सरकारी नीतियों कोई लागू कराने वाले उसे आमदनी का जरिया बना लेते हैं.

  2. आपने जो भी लिखा है सर बिल्कुल सही लिखा है मैं आपकी बात से 101 पर्सेंट सहमत हूं कि निजी विद्यालय की समस्याओं पर सरकार का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है सरकार सिर्फ अपनी बातों को निजी विद्यालय पर थोपती जा रही है जिससे निजी विद्यालय की व्यवस्था चरमराती जा रही है। सरकार को निजी विद्यालय के साथ संबंध से स्थापित करके उन्हें सहयोग प्रदान करना चाहिए जिससे समाज में विकास और सुधार हो।

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