इन दिनों : सोशलिस्ट, वामपंथी और दक्षिणपंथियों के दौड़ते घोड़े

18 मार्च, 1974 को आंदोलनरत तीन छात्रों से गोलियों से भून दिया गया था। इसलिए आज का दिन राजकीय उत्पीड़न और कुव्यवस्था के विरुद्ध उन आंदोलनरत छात्रों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के साथ ही जेपी आंदोलन में शामिल राजनीतिक दलों की वर्तमान प्रवृत्तियों पर भी विचार करने की जरूरत है।
जन पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए उपर्युक्त QR Code को स्कैन करके 20, 50 या 100 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर सकते हैं।
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प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर

डॉ योगेन्द्र
डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

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