Category जन पत्रकारिता

दक्षिण की नई धुरी बनेगा तमिलनाडु

"तमिलनाडु का यह चुनाव केवल सरकार परिवर्तन की घटना नहीं है। यह उस नई राजनीतिक बेचैनी का परिणाम है, जिसमें युवा मतदाता पारंपरिक दलों से अलग विकल्प की तलाश कर रहा है। विजय उसी बेचैनी की राजनीतिक अभिव्यक्ति हैं।" - इसी आलेख से

इन दिनों : राजनीतिक पैंतरेबाज़ी और बुद्धिखोर

Protest sign reading 'Defend Democracy, Fight Fascism' at an outdoor rally in Elk Grove, CA.
"आप सॉफ्ट और हार्ड की बात मत कीजिए। आपने संविधान की शपथ खाई है। संविधान के तहत काम कीजिए। जो संविधान के तहत काम नहीं करता है, उसका व्यवहार चाहे जितना सॉफ्ट हो, वह कम ख़तरनाक नहीं है।" - इसी अल्लेख से

इन दिनों : गिद्ध-युग और मांस की पोटली

"भारत की मौजूदा राजनीति एक चक्रव्यूह में फँस गई है। इस राजनीति के लिए भ्रष्टाचार बहुत ज़रूरी है। अगर आप भ्रष्ट और बदतमीज़ नहीं हैं तो इस राजनीति से दूर रहिए। " - इसी आलेख से

इन दिनों : बुद्धिजीवियों के छल

"राजनीति में सुपुत्रों की कोई कमी नहीं है। हमाम में अब सब नंगे हैं। इसकी आलोचना और निंदा भरपूर करें। राजनीति में गिरावट के प्रति भी चिंतित हों, लेकिन मेरा सवाल है कि राजनीति में गिरावट की क्या यह अकेली वजह है?" - इसी आलेख से

इन दिनों : कृतज्ञता और कृतघ्नता

"गृहस्थ को तो घर चलाना है। उसकी चिंता समझ में आती है, लेकिन संत क्यों चिंतित है? दरअसल संत आज ज़्यादा चिंतित है, क्योंकि संतई छोड़ कर संतई का धंधा कर रहा है और धंधा तो महान चिंता का कारण है।" - इसी आलेख से

इन दिनों : निर्लज्जता और लोकतंत्र 

black and white human face drawing
"हर नेता कहता है कि मैं तो जनता का सेवक हूँ, लेकिन सच यह है कि वह जनता का शासक है। जीत के बाद सेवा का कोई मतलब नहीं होता। यह तो महज एक जुमला है।" - इसी आलेख से

इन दिनों : यह तो चुनाव नहीं था

a close up of a typewriter with a paper that reads election fraud
"आज संभव है कि सभी विपक्षी दल इस पर न सोचे और सिर्फ़ अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहें। यह भी हो सकता है कि सचेत नागरिक सत्ता की विकरालता और उसकी धौंस का सामना न कर सके, लेकिन लोकतंत्र के अपहरण का यह जीता-जागता मिसाल है।" - इसी आलेख से

इन दिनों : निर्वसन मैदान में लेटी हुई है एक नदी

landscape photography of mountain
"परसों रात को लगभग दो बजे नींद उचट गई तो मैंने बल्ब जलाया और स्वामी विवेकानंद की पुस्तक लेकर पढ़ने लगा। जब भी मन में बहुत ज़्यादा उद्वेलन होता है तो विवेकानंद सुकून देते हैं।" - इसी आलेख से

इन दिनों : सत्य की छाती पर असत्य का तांडव

a close up of a typewriter with a paper that reads election fraud
"आंदोलन की शमा कब की बुझ चुकी। उससे जो आंदोलनकारी निकले, सत्ता में जाकर उन्होंने कोई नया इतिहास नहीं लिखा, बल्कि जिन मुद्दों के खिलाफ आंदोलन किया, उन्हीं में वे समा गए।" - इसी आलेख से

इन दिनों : खौलते समुद्र में पिकनिक नहीं मना सकते

Captivating view of powerful ocean waves crashing in Istanbul, Turkey.
"ट्रंप पर चली गोलियाँ कोई अच्छा संकेत नहीं है, लेकिन ट्रंप हर दिन ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें वे लोगों के अंदर उत्तेजना भरते हैं। अपने स्वार्थ के लिए जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति का अपहरण करते हैं और ईरानी के बच्चे-बच्चियों की हत्या कर शर्म नहीं महसूसते तो आप दुनिया में हिंसक वातावरण पैदा करने के दोषी हैं।" - इसी आलेख से