
"सत्ता चलाने वाला भ्रष्ट होगा तो उसके अधिकारी कर्मचारी ईमानदार रह ही नहीं सकते। जनता में अगर सांस्कृतिक चेतना सजग नहीं है, तो वह भी देखा-देखी भ्रष्टाचार की मनोवृत्ति का शिकार होगी।" - इसी आलेख से

"प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों को निर्देश दिया कि देश में गर्मी काफ़ी है, इससे बचने के लिए खूब पानी पियें। मजा यह था कि यह ख़बर ब्रेक कर गयी और चैनल पर महान एंकरों ने इसे ब्रेकिंग ख़बर बनाया। " - इसी आलेख से

आलेख में दुनिया के अनेक हिस्सों में हुए जेन-जी के आंदोलनों का अध्ययन करके उनके आंदोलन के पैटर्न को समझने की कोशिश की गयी है। साथ ही उन आंदोलनों के क्या परिणाम हुए और उनसे क्या सीखा जा सकता है, इन बातों की विवेचना की गयी है।

"सवाल है कि रास्ता क्या है? देश जिस मुहाने पर खड़ा है, उससे निकलने का कोई तरीक़ा बचा है या नहीं? " इसी आलेख से

"चौदह वर्ष तक की गाय माता रहेगी और उसके बाद उसे माता के पद से उतार कर उसकी गर्दन रेत देने में कोई दिक़्क़त नहीं है।" - इसी आलेख से

अहमदाबाद में आरबीआई के पैसों की चोरी से जाहिर होता है कि राजकीय व्यवस्था अपने कर्तव्य-पालन में कितनी सुस्त, मगर विज्ञापन में कितनी चुस्त है।

नारे हैं, नारों का क्या? नारों के झाँसे में देश देश संकट में फँसता गया, राष्ट्रीय संपत्तियाँ नीलाम होती गईं, मार्केट क्रैश कर गया, राष्ट्रीय संप्रभुता गिरवी पड़ती गई और अब तो पेमेंट तक का क्राइसिस खड़ा हो गया है।

'कॉकरोच जनता पार्टी' एक व्यंग्यात्मक डिजिटल राजनीतिक आंदोलन है, जो सोशल मीडिया पर युवाओं के गुस्से और निराशा की अभिव्यक्ति के रूप में उभरा है।

"जब किसी गरीब किसान का बेटा या मजदूर की बेटी विश्वविद्यालय तक पहुँचती है, तब केवल एक छात्र शिक्षित नहीं होता—बल्कि एक पूरा परिवार, एक गाँव और एक पीढ़ी अपने भविष्य को बदलने की संभावना के करीब पहुँचती है।" - इसी आलेख से

"NEET जैसी परीक्षाएँ अब “प्रतिभा की परीक्षा” कम और “व्यवस्था की सड़ांध” का प्रतीक अधिक बनती जा रही हैं।" - इसी आलेख से