इन दिनों : सामाजिक न्याय और जातिवाद

"देश‌ को तीसरी राह की जरूरत है, जिसके केंद्र में राष्ट्र हो, सभी नागरिकों के लिए उसमें स्पेस हो, जाति उच्छेद करने की सच्ची ख्वाहिशें हों और आर्थिक समानता की जिद हो। सामाजिक और सांस्कृतिक एकता की बुलंद आवाज़ हो। वह न अन्याय करे और किसी को अन्याय करने दे।" - इसी आलेख से
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प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर

डॉ योगेन्द्र
डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

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