इन दिनों : संस्कृतिहीनता के युग में

"वे खूब ज्ञान परंपरा की तलाश करें, लेकिन वे बतायें कि वे ज्ञान परंपराएँ इतनी निर्बल क्यों थीं कि भारतीय परस्पर घृणा करते रहे और देश ग़ुलाम होता रहा?" पढ़िए इस आलेख में
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प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर

डॉ योगेन्द्र
डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

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