इन दिनों : प्रकृति, असमय के मेघ और षडयंत्र

"मुड़वारा के बारे में तीन क़िस्से हैं, जिनमें से एक है अंग्रेज़ों और बाग़ियों से संबंधित। लोग सत्ता के ख़िलाफ़ बगावत न कर दें, इसके लिए अंग्रेज़ बाग़ियों के सिर काटकर टाँग देते थे। इसलिए इस स्थल का नाम मुड़वारा है।" - इसी आलेख से
जन पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए उपर्युक्त QR Code को स्कैन करके 20, 50 या 100 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर सकते हैं।
जन पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए उपर्युक्त QR Code को स्कैन करके 20, 50 या 100 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर सकते हैं।

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर

डॉ योगेन्द्र
डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

Articles: 184